काहे घबराता है दिल और काहे उदास है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काहे घबराता है दिल और काहे उदास है,

मुरलीधार मोहना दिल तेरे ही पास है,

ढूंढे ने की उसको क्या है दरकार,

सामने खड़ा है तेरा श्याम सरकार,

काहे को पुकार ता है जोर जोर से,

खींचता क्यों नहीं इसे प्रेम डोर से,

छोटी सी प्रेम कुटियाँ में इसका निवास है,

काहे घबराता है दिल और काहे उदास है,

सांवला कन्हियाँ तुझे देख रहा बात कैसे करू यही सोच रहा,

तू तो तेरे दुःख से परेशान है,

श्याम के तरफ तेरा नहीं ध्यान है,

तू भी निराश है याहा वो भी निराश है,

काहे घबराता है दिल और काहे उदास है,

सांवला कन्हियाँ तेरे साथ साथ है,

वनवारी डरने की क्या बात है,

शयम का भजन दिन रात किये जा,

साथ तेरा देगा इसे याद किये याद,

निकले जुबा से श्याम श्याम जब तक ये साँस है,

काहे घबराता है दिल और काहे उदास है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।