मुरली सुनाने वाले दिल को बहलाने वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली सुनाने वाले दिल को बहलाने वाले ओ मीठे प्यारे प्यारे बाबा,

खुद सा बनाने वाले उचा उठाने वाले ओ मीठी प्यारे प्यारे बाबा,

सतगुरु हो तुम्ही मात पिता शिरस्क तुम्ही,

तुम्ही ने सवार हमारा जीवन,

मुरली सुनाने वाले दिल को बहलाने वाले,

सत्य की पथ पे चलना हमे,

प्रेम किरपा है ले जाना हमे,

फूलो सा वन देना है सुख ,

ना दुःख देना न लेना है दुःख,

चन्दन सा हो मन महकता जीवन बाबा की यादो में,

अति प्रिये सुख पाए है बेहद बाबा तेरी बातो में,

कह दिया है हमे नजरो से निहाल है,

ये अनुपम मधुर मधुर मिलन,

मुरली सुनाने वाले दिल को बहलाने वाले....

विश्व कल्याण करना हमें प्रभु पैगाम देना हमे,

सुमख में हमे चलते ही रहना,

दुआए सब को देते ही रहना,

सूक्ष्म रूप के हमने है पास फिरस्ते है निराले,

देह से न्यारे ज्योति बिंदु हे बाबा के हम लादले

प्रेम पावन स्नेह सा मन बरसता मन के आंगन,

खिले खिले है अब न ये मधुवन,

मुरली सुनाने वाले दिल को बहलाने वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।