राम का मंदिर बनाना है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भारत की इस सीधी भूमि पर अवधपुरी है धाम,

राम की अलख जगाना है राम की अलख जगाना है,

राम नाम का पी के प्याला करना है यही काम राम का मंदिर बनाना है,

हिन्दू मुश्लिम सिख ईसाई ये है चारो भाई भाई,

हमे जुदा करने के वास्ते किसने ये आग लगाई,

अरे राम रहीम में फर्क बता कर किये गनोने काम,

उन्हें सत राह दिखाना है,

राम नाम का पी के प्याला करना है यही काम राम का मंदिर बनाना है,

धन्य है वो वानर सेना जिसने सेतु को बनाया,

एक एक पत्थर पे देखो श्री राम का नाम लिख्या,

समुन्दर की खाई पार लगाई लेके प्रभु का नाम काम ये करके दिखाना है,

राम नाम का पी के प्याला करना है यही काम राम का मंदिर बनाना है,

हिन्दू स्तन की सर जमीन पर मिलकर रहना है भाई,

फिर आप ही बताओ हमें भाइयाँ किस बात की है लड़ाई,

अल्लाह बोलो राम बोलो ये है एक ही नाम देश को चमन बनाना है,

राम नाम का पी के प्याला करना है यही काम राम का मंदिर बनाना है,

यशस्वी सतयम का हाथ जोड़ कर सभी से है ये कहना लड़ाई दंगा बंद करो मिल कर है सभी को रहना,

घर घर संदेसा पहुंचना है हमारा काम भारत की शान बढ़ाना है,

राम नाम का पी के प्याला करना है यही काम राम का मंदिर बनाना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।