सुन वे ठाकुरा सुन वे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन वे ठाकुरा सुन वे फेर कदो सुनेगा

जे ना सुनेया हुन वे फेर कदो सुनेगा

लाख चौरासी जोना पाके श्याम ने जनम है पाया

इस चोले दी कदर ना जावी ऐवे मुल गवाया

तू पापा दा परदा है मुल वे फेर कदो सुनेगा

सुन वे.......

गिरधर गिरधर कहन्दी मीरा होगी प्रेम दीवानी

जहर प्याला पी गयी मीरा होगी सी मस्तानी

हुन लग गयी नाम वाली धुन वे फेर कदो सुनेगा

सुन वे.........

बिल्नी कहन्दी इक दिन अडिया ऐवी जाना पऊ

राम प्यारे नु मैं जाके अपना हाल सुनाऊ

सानू लग गयी नाम वाली धुन वे फेर कदो सुनेगा

सुन वे.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।