सुन गौरा समझावा तैनू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन गौरा समझावा तैनू

गल मैं सुनावा तैनू

नक्शा दिखावा तैनू लड़ दा

उह्दिया ये निशानीया

डर लगदा है

दिल कम्ब्दा है

अगे होर है रानिया

सुन.........

गल सपा दी माला

तेरा निन्दर है काला

उह्दे सिर उत्ते लब्दा नी बाल कोई काला

भंगा खा खा

रगडे ला ला

होई अखा मस्तानिया

सुन गौरा.......

उह्दा चीटा है दाहड़ा

बनके आया लाढ़ा

सारे जग नालो वखरा उह्दा रुप निराला

उह्दी उमर बाल नी

साठ साल नी

उह्दी अस्थिया पुरानिया

सुन गौरा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।