किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

देख नजारा बरसाने का झूम उठे जग सारा,

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

बरसाने के रंग महल में नित किशोरी निवास,

अष्ट सखी श्री भानु नंदनी करती रास बिलास,

महिमा अप्रम पार किशोरी गूंजे जय जय कारा,

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

खोर सांखरी मोर कुटी गहवरवन पिल्ली पोखर,

रस अमृत और तृप्त प्रेम के बने है प्रेम सरोवर,

मान गनी और तान गणि का लीला रस में प्यारा,

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

ब्रह्मा आँचल पर्वत पर सोहे लाडली सूंदर धाम,

नित दिन मुरली सुनाने आवे बरसाने घनश्याम,

मधुर मधुर बरसाने बरसे मधुर रस धारा,

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

भक्ति रस शृंगार प्रेम का धाम तेरा बरसाना,

संतो भक्तो राषिक जनो का मन भावन ये ठिकाना,

कहे मधुप ये तेरा बरसाना तीन लोक से प्यारा,

किशोरी तेरा बरसाना लगे जान से प्यारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।