बड़ी देर भई कब लोगे ख़बर मोरे राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी देर भई ,

कब लोगे ख़बर मोरे राम ,

बड़ी देर भई ,

कहते हैं तुम हो दया के सागर,

फिर क्यूँ ख़ाली मेरी गागर,

झूमें झुके कभी ना बरसे ,

कैसे हो तुम घनश्याम ,

हे राम, हे राम,

बड़ी देर भई कब लोगे...

सुनके जो बहरे बन जाओगे ,

आप ही छलिया कह लाओगे,

मेरी बात बने ना बने ,

हो जाओगे तुम बदनाम,

हे राम, हे राम,

बड़ी देर भई कब लोगे...

चलते-चलते मेरे पग हारे,

आई जीवन की शाम ,

कब लोगे ख़बर मोरे राम,

बड़ी देर भई...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।