सबका मंगल हो मंगल हो सबका मंगल हो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सबका मंगल हो मंगल हो सबका मंगल हो,

गुरु आगे जो शीश निभाभे,

गुरु जी का जो दर्शन पावे,

सबका मंगल हो मंगल हो....

गुरु जी को जो दिल में वसावे,

गुरु जी को जो पल पल ध्यावे,

सबका मंगल हो मंगल हो...

सुख आये तो विसर ना जाना,

दुःख में गुरु जी साथ निभाना,

सबका मंगल हो मंगल हो.......

माता पिता की सेवा करता,

गुरु चरणों में शीश जो धरता,

सबका मंगल हो मंगल हो सबका मंगल हो,

तेरी शरण पेया मैं जीवा,

नाम तेरे दा अमृत पीवा,

सबका मंगल हो मंगल हो सबका मंगल हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।