ये मेरी अर्जी है

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ये मेरी अर्जी है मैं वो हो जाऊ जो तेरी मर्जी है,

अब और न मन भटके,

आंखे रख माहि प्रीतम की चौकठ पे,

शम शम बारिश है,

माहि घर आजा हर बूंद सिफारिश है,

ये मेरी अर्जी है मैं वो हो जाऊ जो तेरी मर्जी है,

जग रोक न पायेगा,

मीरा नाचे गी जब प्रेम नचायेगा,

है इश्क़ बड़ी बाजी,

राजी कर दुनिया या उसको कर राजी,

ये मेरी अर्जी है मैं वो हो जाऊ जो तेरी मर्जी है,

वो इतना प्यारा है,

चाँद कहे उस से तू चाँद हमारा है,

आहात है सावन की,

रब्बा खबर सुना मेरे गुरु जी के आने की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।