जिहदी लग जाये श्याम नाल आख नी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिहदी लग जाये श्याम नाल आख नी,

उह्दी नहियो आख लग दी,

होन्के भर भर तन सुख जाव्दा ,

उह्दी अखिया दे विचो नीर मुक जाव्दा,

ताने मारदे ने लोकी वाखो वाख नी,

उह्दी नहियो आख लग दी,

जिह्दी लग........

जिन्हा प्रीता श्याम नाल लाईया,

उह्ता फिर दे वांग शोदाइया,

जिन्हा लेया राम नाम रस नी,

उह्दी नहियो आख लग दी,

जिह्दी लग........

हाल दिला ना किसे अग्गे फरोल दे,

आन्दे ता रोम रोम राम राम बोल्दे,

रहना चांदे ने दुनिया तो वाख नी,

उह्दी नहियो आख लग दी,

जिह्दी लग........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।