माँ मैनु अपना दीवाना बना दे

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ मैनु अपना दीवाना बना दे,

माँ तेरा केहड़ा मूल लग दा,

मेरी साहवा विच जय माँ वसा दे,

माँ तेरा केहड़ा मूल लग दा,

जग दियां रोका च फिरा मैं इकला मैं,

लोकि ने सयाने मैनु आखदे ने चला माँ,

मैनु जग नालो वखरा बना दे,

माँ तेरा केहड़ा मूल लग दा,

तुरिया सवाली तेरे दर तेरे आ गया,

माँगियां मुरादा तेरे दर उतो पा गया,

हो मेरी झोली विच खैर मियां पा दे,

माँ तेरा केहड़ा मूल लग दा

बच्चियां निमानियाँ न तेरा ही इंतजार माँ,

चन्ह्दा दा है दिल मेरा तेरा ही दीदार है

ओ मेरी जन्मा दी प्यास भुजा दे,

माँ तेरा केहड़ा मूल लग दा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।