कन्हिया तुम्हि एक नजर देखना है

कृष्ण दास भूटानी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हिया तुम्हि एक नजर देखना है

जिधर तुम छुपे हो उधर देखना है

विधुर भीलनी के जो घर तुमने देखे

तो तुम को हमारा भी वो घर देखना है

उबारा था जिस कर से गीध ओर गज को

हमे उन हाथों का हुनर देखना है

टपकते हैं द्रग बिंदु तुमसे ये कहकर

तुम्हे अपनी उल्फत में तर देखना है

अगर तुम हो दीनो के आहो के आशिक

तो आहो का अपना असर देखना है

Uploaded by: सुशील कुमार शर्मा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।