सच्चे मन से पूर्वजो पे शरधा

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॥ पावन पाठ ॥

सच्चे मन से पूर्वजो पे शरधा दिखाइए,

अपने पितरो का पावन वरदान पाइये,

पितर खुश होंगे तो दुःख मिट जायेगे,

बिन मांगे ही जग में समान पाइये,

कहते है पूर्वजो की किरपा जब मिले,

सोई तकदीर के दरवाजे खुले ,

चरणों में उनके भक्ति से सिर झुकाइये,

बिन मांगे ही जग में समान पाइये,

अपने पितरो को जो याद करते याहा,

पूर्वजो की दया से फुले फलते याहा,

पितर देवता है उनका गुण गान गाइये,

बिन मांगे ही जग में समान पाइये,

पितर जिसके दुखी हो भटके यहाँ,

उनके परिवार ही दुःख में रहते यहाँ,

हाथ जोड़ पितर पक्ष में शमा माँगिये

बिन मांगे ही जग में समान पाइये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।