हम दें वधाई आये है

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

हम लेने वधाई आये है बाबा तेरी लाली जीवे,

राधा जन्म उस्तव मनाने बरसाने हम आये है,

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

रवल में प्रगति राधा,

कृष्ण की शक्ति राधा,

माये तेरी लाड्डो रानी,.

राधा गौ लोक की रानी,

शेष शिव नारद शारद,

ध्यान करते सनकादिक,

नेत नेत के वेद पुराणां श्री राधा गुण गये है,

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

बड़ी गोरी मनमोहनी,

लाडो तेरी बड़ी ही सोहनी,

कुमत काली रस की खानी,

रूप शृंगार की रानी,

स्वर्ग का पलना झूले,

जैसे फूल वाणी फुले

भानुभवन की देख के शोभा सब के मन हर्षाये है,

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

बरस से रंग रस कलियाँ,

महक ती नगर की कलियाँ,

बाजे ढफ ढोल शेहनाई,

बांसुरी तान इलहाइ,

बाज रहे बाजे गाजे,

ख़ुशी में हर कोई नाचे,

गूंज रहे जय कार भवन में आनंद के घन शाये है,

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

आज ना लाज करुँगी,

वधाई मांग के लुंगी,

नाग नथनी कण वालि,

लुंगी लेहंगा और साडी,

हीरो का हार गले का,

पायल कंगन सोने की,

मधुप सखी लाली को हम आशीष देने आये है,

हम देने वधाई आये है मईया तेरी लाली जीवे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।