छड दे पीताम्बर राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छड दे पीताम्बर राधे , अज मेनू जान दे,

सभा विच द्रोपदी दी लाज बचान दे,

तीन तंदा बनिया ने ऊँगली दे नील ते,

जग सारा वार दिया इको इक लीर ते,

सर मेरे कर्जा , अज मेनू लाहन दे,

छड दे पीताम्बर राधे , अज मेनू जान दे,

सभा विच द्रोपदी दी लाज बचान दे.....

जे मै अज ना जावांगा,लाज ओहदी जाएगी,

मार मार ताने मेनू द्रोपदी सताएगी,

मार मार ताने मेनू द्रोपदी ले जाएगी

साड़ीया दे ढेर सभा विच मेनू लगान दे ,

जे मै अज सुनागा ना भगता दी पुकार नु ,

जे मै अज सुनागा ना द्रोपदी दी पुकार नु,

किवे मुह दिखाऊ जाके विच संसार दे ,

बंसरी दी तान मेनू सभा विच लान दे ,

छड दे पीताम्बर राधे , अज मेनू जान दे,

सभा विच द्रोपदी दी लाज बचान दे ,

बंसरी दी तान सिर्फ द्रोपदी जी को सुनाई दी थी,

जिस पर वो मगन हो गई,

उसे अपना कुछ ख्याल ना रहा,

सब कुछ इश्वर पर छोड़ दिया.

बोलिए राधे राधे



इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।