ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

राजू उत्तम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

तू हर पल ध्यान लगाया कर

तेरा शुक्र दातीये कह भगता

ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

१-; चरना दी गंगा विच, जेहड़ा डुब जाये ओह तर जाँदा ए,

नाम दे मोती मिलान ओनु , जेहड़ा इस विच गोते खांदा ए ,

जे डुब्या ऐ ते डुब्बया रह , मेनू डोबी रख एह कह भगता ,

ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

२-: जो हुँदा चंगे लई हुँदा , केहन्दे लोक सयाणे ,

की करना ए की नही करना , मेहरा वाली जाणे ,

की होया एह क्यों होया , इन्ना फिकरा विच न पै भगता ,

ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

३-: दुःख सुख धुप ते छा भगतो , सदा जिंदगी नाल ही रहने ने ,

सदा नई हुंदे फायदे , घाटे वी सहने पैने ने

तू वी राजू वांग सदा , मुँहो जय माता दी कह भगता ,

ओह्दी रज़ा च राज़ी रह भगता

गायक व गीतकार - राजू उत्तम

+91 9872573004, +91 9779767505

संगीत - सौरव सैनी

कैसेट - ओह्दी रज़ा च राज़ी

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।