सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं

पारंपरिक
अन्य कथा गुरुदेव भजन katha
॥ पावन पाठ ॥

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं,

जिथे किथे मैनु लै छडाइ,

तिस गुरु कौ हौ वारिया,

जिन हर की हर कथा सुनाई,

तिस गुरु को सद बल हारनै,

जिन हर सेवा बड़त बड़ाई,

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं...

तिस गुर कौ शाबाश हैं,

जिन हर सो जी पाई,

नानक गुर वीटो वारया

जिन हर नाम दिया,

मेरे मन की आश पुराई,

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं...

सौरभ सोनी

सरिया

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।