किनका एक किनका जिस जिए बसा हैं

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आद गुरे नम्हे, जुगाद गुरे नम्हे,

सतगुरे नम्हे, श्री गुरुदेवे नम्हे,

किनका एक किनका जिस जी बसावे,

ताकि महिमा गनी ना आवे, महिमा गनी ना आवे,

किनका ........

वाहेगुरु वाहेगुरु॥॥

सिमरो सिमर सिमर सुख पाओ,

कल क्लेश तन माध मिटाओ,

किनका एक किनका....

सिमरो जास वसंभर एके,

नाम जपत आगंत अनेके,

किनका........

वेद पराण सिमरत सुध्याकार,

तिने राम नाम एक आखर,

किनका.....

काकी एके दरस तु्हारो,

नानक उन संग मोह उतारो,

किनका एक किनका....

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखंड।।

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।