सुनो जी हम बाबा वाले हैं

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्या पूछते हो हाल मेरे कारोबार का

मैं फूल बेचता हूँ बाबा तेरी गली में

सारी दुनिया में हम लोगों के अंदाज़ निराले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

शिरडी में आकर साईं ने सबको दिया है ज्ञान,

सारे जगत को लूट के बैठे, फिर भी बने अंजान,

बड़े भोले भाले हैं, साईं जी बड़े भोले भाले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

साठ बरस तक घर पे बैठकर धूनी तूने रमाई,

देखा है जाने वालों ने , बाबा तेरी खुदाई,

जो जाने वाले है , सुनो जी हम बाबा वाले है,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

सुबह सवेरे आरती हो तो बैठे आस लगाये,

मेरी तरफ भी एक नज़र हो, हम है आस लगाये,

साईं आने वाले है, सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

भूख लगे न प्यास लगे जब हम शिरडी में जायें,

सबके मन में येही है इच्छा, साईं के दर्शन पायें,

साईं पालने वाले है, सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

कितनों के दिल में है तमन्ना शिरडी करें गुणगान,

हम सब भी हैं तेरे भिखारी, सुन लो मेरी फ़रियाद,

हम गाने वाले हैं, भजन तेरे गाने वाले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

सारी दुनिया में हम लोगों के अंदाज़ निराले हैं,

हम बाबा वाले हैं सुनो जी हम बाबा वाले हैं,

संकलनकर्ता : राज कुमार टाँक, बुखारा, बिजनौर ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।