जिंदल कुल की महारानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिंदल कुल की महारानी लजवाना की सेठानी,

सारी दुनिया में डंका भाजे तेरी जय हो माँ कल्याणी,

भक्तो का कल्याण कर रही तू कल्याणी दादी,

जो माँ तेरी शरण में आया वो तो है बढ़ भागी,

जो कुछ भी है हम दादी सब तेरी मेहरवानी,

सारी दुनिया में डंका भाजे तेरी जय हो माँ कल्याणी,

सुख में दुःख में हर दम दादी रहती तू ही साथ,

जिंदल कुल पर सदा रहे माँ कल्याणी का हाथ,

अब तेरे ही चरणों में बीते गी जिंदगानी,

सारी दुनिया में डंका भाजे तेरी जय हो माँ कल्याणी,

द्वापर युग की कुंती माँ तू कलयुग की कल्याणी,

अगर वंश में प्रगट हुई जगदमबा तू ही भवानी,

सौरव मधुकर हम गाये माँ तेरी अमर कहानी,

सारी दुनिया में डंका भाजे तेरी जय हो माँ कल्याणी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।