जिथे हुंदा है जैकारिया दा शोर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिथे हुंदा है जैकारिया दा शोर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जिथे नाम वाली लगी होवे लोह,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जदों बैठन भगत बन टोलिया,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

माँ दे रंगा विच खेल्दे ने होलिया,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जदों नच्दे ने भवना ते मोर ,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है,

जिथे हुंदा है जैकारिया दा शोर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

होवे कंजका दी जदों जदों पूजा,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

ओहो रूप नहिओ हुंदा कोई दूजा,

ओहना च मेरी माई हुन्दी है ,

ओहथे दिसदा ना फिर कोई होर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जिथे हुंदा है जैकारिया दा शोर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जदों मेहता लिखे माँ दा गुणगान,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जिथे वधदा निमानेया दा मान ,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जिथे पापी वी हो जांदे कमजोर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

जिथे हुंदा है जैकारिया दा शौर,

ओहथे ता मेरी माई हुन्दी है ,

प्रेम से बोलो जय माता दी ,

बई सारे बोलो जय माता दी ,

माँ चिन्तपुरनी जय माता दी ,

माँ ज्वाला रानी जय माता दी,

माँ काँगड़ा वाली जय माता दी ,

चामुंडा रानी जय माता दी

माँ मनसा रानी जय माता दी

माँ नैना देवी जय माता दी

माँ वैष्णो रानी जय माता दी

माँ राज रानी जय माता दी

जय माता दी

जय माता दी

जय माता दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।