भोर भजो गोविन्द गोविन्द

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

|| भोर भजो गोविन्द गोविन्द , सांज भजो गोपाला ||

भोर भजो गोविन्द गोविन्द ,

सांज भजो गोपाला

सोवत, जागत , हरिगुन गावत ,

सानंद भजो नंदलाला ||

मोर मुकुट, सुन्दर लट,

अधर निकट बांसुरी

पीताम्बर सोहे कटी ,

वैजयंती गल माला |

करुणामय, सुलोचन,

श्याम ह्रदय अमृतघन

चरणों में ब्रिन्दाबन ,

सुमिरो बन ब्रिजबाला |

नील गगन, श्याम वदन,

श्याम गंध, श्याम किरन

पंछी स्वर बन्सी धुन ,

कण कण बसे गोपाला |

Voice : Abhas Joshi

Lyrics : 'Gwala'

Music : Arun Saraf

Album : Rang De O Shyam

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।