जय जय जय शारदा भवानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय शारदा भवानी,

लय ताल तान, स्वर सरगम ज्ञानी,

जय जय जय शारदा भवानी.......

वीणा वाहिनी हंस सुबाहिनी,

वैभव शालिनी, बुद्धि प्रदायिनी,

माँ मैं याचक, हो तुम दानी,

जय जय जय शारदा भवानी......

ब्रह्म वादिनी सिद्धि प्रदायिनी,

चंद्र बदनी मंगल फल दायिनी,

हर पल गाउँ माँ तेरी बानी,

जय जय जय शारदा भवानी......

शब्द सुधा विज्ञान प्रदायिनी,

पद्मासिनी शुभ सुख वर दायिनी,

माँ कृपा करो, सरस्वती महारानी,

जय जय जय शारदा भवानी,

लय ताल तान , स्वर सरगम ज्ञानी......

आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।