हे गणेश भगवान तुमरो चुहा राम कसम से बहोतइ है सैतान

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

है गनेश भगवान तुमरो चुहा,

राम कसम से बोहतई है सैतान

समझा दाइयों हे गडराज तुमरो चूहा चालू,

सब्जी मंडी मैं घुस जाबे खाय प्याज और आलू,

खाबे चौरसिया को पान तुमरो चूहा,

राम कसम से बोहतई है सैतान,

है गनेश भगवान तुमरो चूहा......

जैसई उतरे तुरत गजानंद उचक उचक भगजाबे,

बनिया बब्बा देखना पाबे कमरा में घुस जाबे,

खाबे चाबल गेहूँ धान राम कसम से तुमरो चूहा.,

बोहतई है सैतान है गनेश भगवान तुमरो...

देखन को है छोटो चूहा बड़ी बड़ी है मुछ,

करिया करिया वो देखन को बिता भर की पूछ,

ओ के छोटे छोटे पाओ तुमरो चुहा राम कसम से,

बोहतई है सैतान है गनेश भगवान तुमरो.......

तुमरी सबारी जान के बबा मारत नई आ,

कोई तुम मूसा पर करो सवारी जानत हैं ,

सब कोई कर गओ रागी को नुकसान तुमरो चुहा,

राम कसम से बोहतई है सैतान......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।