विनायक म्हारे आगणै

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

थे बेगा बेगा आज्यो गजानंद म्हारे आगणै,

गजानंद म्हारे आगणै विनायक म्हारे आगणै,

म्हारे घर पावन हो जासी गणपति थारे आणेसे,

रिद्धि सिद्धि न सागे ल्याइजो गजानंद म्हारे आगणै,

म्हारे घर पधारो गणपति पलका पे बिठावा म्हे,

थे आकर मान बढाज्जो गजानंद म्हारे आगणै,

छप्पन भोग छतिसो मेवा लडुवन थाल सजाव म्हे,

थे रूच रूच भोग लगाज्जो गजानंद म्हारे आगणै,

न्हाय धोय कर करा आरती थारा लाड़ लडावा म्हे,

भक्त नै भूल न जाइज्यो गजानंद म्हारे आगणै,

।। शीला रधुवंशी ।। और भजनौ के लिए

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।