छोड़ दे मनवा घर की आस

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ दे मनवा घर की आस,

तभी मिले बरसानो वास,

जग झूठा झूठी जग आशा,

त्याग दे इस जग की अभिलाषा,

हरी चिंत्तन का कर अभ्यास,

तभी मिले वृद्धावन वास,

छोड़ दे मनवा घर की आस,

विषय विकारो से बच जाना,

सतये धर्म शुभ कर्म कमाना,

शरधा भक्ति बड़ी विश्वाश,

तभी मिले बरसानो वास,

छोड़ दे मनवा घर की आस,

संत शरण गुरु चरण पखारो,

कर हरी भजन ये जन्म सांवरो,

कट जाते बंधन यम को त्रास,

तभी मिले वृद्धावन वास,

छोड़ दे मनवा घर की आस,

गुरु किरपा हरी मिलन करावे,

हरी किरपा हरी धाम ले जावे,

जपले मधुप तू श्री हरिदास,

तभी मिले बरसानो वास,

छोड़ दे मनवा घर की आस,

जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय श्री वृद्धावन धाम,

जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय श्री बरसानो धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।