मैं तेरो नचाओ नाचू

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री भानु भरत के प्यारे, ब्रिज मडल के उज्यारे,

तोपे जाऊ मैं बलिहार,मैं तेरो नचाओ नाचू,

मेरे रमन बिहारी लाल मैं तेरे नचाये नाचू ,

तेरी मोहनी मुरलियाँ भाजे,

मेरी पायल छम छम नाचे,

दिल गाते है सुर ताल मैं तेरे नचाये नाचू....

जब नैन से नैन मिलावे तन मन की सुध विस्रावे,

हो जाऊ हाल बेहाल मैं तेरे नचाये नाचू,

नाचे बन मधुर मकुण्डा गिरधर गोपाल गोविंदा,

यशोदा के नन्द के लाल मैं तेरे नचाये नाचू

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।