राधा से कर दो सगाई

राज कटारिया (राजू मोगेवाला)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ प्यारी प्यारी मईया - ओ प्यारी प्यारी मईया

कहतें हैं कृषण कन्हाई - राधा से कर दो सगाई

मेरी राधा से कर दो सगाई ...

ना रे ना बोली मईया - ना रे ना बोली मईया,

छोटो है छोटो तू कहनाइ - कैसे मैं कर दूँ सगाई

तेरी कैसे मैं कर दूँ सगाई ...

१.सुंदर है सुंदर सबसे लगती है प्यारी,

देखा था कल ही लाते यमुना से झारी,

दिल कि वो सुंदर है यूँ बोले कन्हैया,

लगता पुराना कोई बंधन है मैया,

बरसाने जा के कर दे - बरसाने जा के कर दे

रस्मों की गोद भराई, राधा से कर दो सगाई .... मेरी राधा से कर दो सगाई .......

२. जादूगरी राधा का जादू है कृष्णा,

उसकी मीठी बातों में लाल ना फसना,

लाऊगी ऐसी बहु लाखों में होगी,

तेरी सगाई ऐसी वैसी ना होगी,

राधा से कट्टी कर ले - राधा से कट्टी कर ले

तेरी है इस में भलाई - कैसे मैं कर दूँ सगाई ..... तेरी कैसे मैं कर दूँ सगाई .......

३. बहलाओ ना री मैया छोटो समझ कर,

जो भी मैँ बोला सारा सोच समझ कर ,

अब मैँ छोटा नही बड़ा हो गया हूँ,

बंसी बजता उस के घर भी गया हूँ,

वो तो है भोली राधा - वो तो है भोली राधा

सहन ना सकेगी जुदाई, राधा से कर दो सगाई .... मेरी राधा से कर दो सगाई .......

४. लला की प्यारी प्यारी बातों को सुन कर,

बोली मैया भी बोली राधा है सुंदर,

तेरी सगाई राधा रानी से होगी,

होगी बहु राधे रानी ही होगी,

" लहरी " ख़ुशी से फूला - लहरी " ख़ुशी से फूला,

बाँटे रे बाँटे बधाई....... राधा और कृष्णा की सगाई.....

हो गई राधा और कृष्णा की सगाई

गायक : राज कटारिया (राजू मोगेवाला)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।