नैना मेरे भर आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब सांवरिया तेरे नैनो से नैन मिलाये,

नैना मेरे भर आये

याद करू मैं मेरा बीता ज़माना कोई न था बाबा मेरा ठिकाना,

दर दर की लाखो मैंने ठोकर थी खाई,

किस्मत मेरी तेरे दर पे ले आई,

बाहे फैलाकर मुझको अपने गले से लगाए,

नैना मेरे भर आये ...........

जिस दिन से थामा तूने हाथ मेरा,

दूर हुआ जीवन का अँधेरा,

खुशियां ही खुशिया मेरे जीवन में आई,

संग संग में रहता मेरे यु परसाई,

जान गया तू कैसे हारे को जीत दिलाये,

नैना मेरे भर आये ......

रिश्ता बनाया है तो आगे निभाना अपने बेटे को दिल से ना भुआलाना,

श्याम की बाबा बस ये ही तमाना,

किरपा तुम्हारी बाबा मुझपे हो कम न,

दिल की बाते जब मेरी दिलबर को बतलाये,

नैना मेरे भर आये ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।