काले काले काले तेरे नैना काले काले,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नींद उडी है चैन न मुझको आता है,

इस दुनिया से दिल मेरा गबराता है,

तेरी धुन में दिल रहता है सँवारे,

इस दिल को लूट गये,

काले काले काले तेरे नैना काले काले,

दीवाना मैं तेरा बना हु मैं सँवारे तुझपर फ़िदा हु,

जब से मिली तुझसे नजर ये बिन सोचे कुछ तुझपे लुटा हु,

ना होश है अब मुझे,

काले काले काले तेरे नैना काले काले,

जादू भरे तेरे है नैना देखु सुबहे तो बीते न रैना,

लगता है की सांसे रुकी है इक पल अगर तुझे देखु मैं न,

ऐसा है तू सँवारे,

काले काले काले तेरे नैना काले काले,

जिस पे पड़े तेरी एक नजरियां पल में मिटे वो तुझपे सांवरिया,

तेरी नजर की सौगात लेने आता मंजू है खाटू नगरियां,

मन में वसा तू मेरे,

काले काले काले तेरे नैना काले काले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।