आज गणराज पधारे है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज गणराज पधारे है,

सझ धज के घर में हमारे,

रिद्धि सीधी संग लाये है सुख दे जाये गे सारे,

लाओ कोई लड्डुओं के थाल सजाओ रे,

रंग अभीर गुलाब मँगाओ रे,

झूम के नाचो भजने दो ढोल के संग नगाड़े

आज गणराज पधारे है...

दूर सारे वीगन कलेश कर जाये गे,

काम सारे सफल गणेश कर जायेगे,

शिव की शक्ति दे जायेगे गोरी की आंख के तारे,

आज गणराज पधारे है.......

धूल प्यारी चरणों की माथे से लगा ली है,

खो सी जो तकदीर हमने जगा ली है,

देख लो सीधी विनायक ने सिद्ध करदे सारे कारज,

आज गणराज पधारे है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।