गल सुन मेरी महारानिये माँ तू की की लाड लड़ावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन मेरे दिल दी गल महरानिये,

आज तनु दिल दी मैं अपनी सुनानी ऐ,

मैं जीना खफा होवा माँ तू ओहना प्यार जतावे,

गल सुन मेरी महारानिये माँ तू की की लाड लड़ावे,

भूल चूक हो जावे कदे दिलो न भुलैण्डी माँ,

गलती भी हो जे सिहदे रस्ते न पानदी माँ,

मैं कदे भी गबरवा मेरी माँ न कदे गबरावे,

गल सुन मेरी महारानिये माँ तू की की लाड लड़ावे,

मंगाया जो तेथो मैनु ओहि मैया दिता है,

बैठ के कदे भी न हिसाब माइये लिटा है,

कर किरपा बचिया ते माइये गुण तेरे ही गावे,

गल सुन मेरीमहारानिये माँ तू की की लाड लड़ावे,

मन चाहे मन हूँ तेरी मर्जी,

रमन दे दिल दी हूँ इको अर्जी,

जदो जावा दुनिया तो माइये तुहि नजरी आवे,

गल सुन मेरी महारानिये माँ तू की की लाड लड़ावे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।