जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई,

अश्को से नम मेरी ज़िंदगी खुशियों से भर गई,

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

हाथो में हाथ ले लिया इसे छोड़ना नहीं,

नाजुक की बहुत है दिल मेरा इसे तोडना नहीं,

जब से छवि तेरी सँवारे दिल में उतर गई,

अश्को से नम मेरी ज़िंदगी खुशियों से भर गई,

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

किस्मत हो या समय की रंग साभने सितम किया,

तूने शरण में सँवारे जब से मुझे लिया,

सिर पे जो थी मुशीबते जाने किधर गई,

अस्को से नम मेरी ज़िंदगी खुशियों से भर गई,

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

दिलबर तुहि दिलदार तू हमराज तू सनम,

तू ही जिगर तू ही जान है मेरे सँवारे सनम,

तुम्ही दिखे जिधर यहाँ मेरी नजर नै,

अस्को से नम मेरी ज़िंदगी खुशियों से भर गई,

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

खुद को बचा की लेहरो से इतना चली थी हम,

फिर भी मेरी कश्ती फसी इस बात का था गम,

तेरी किरपा से बेधड़क हालत सुधर गई,

अस्को से नम मेरी ज़िंदगी खुशियों से भर गई,

जबसे मिले हो सांवरे दुनिया संवर गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।