ग्यारस की ग्यारस हर बार जाता हु

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस की ग्यारस हर बार जाता हु मैं श्याम के द्वार,

पर मुझको घर बैठे ही ऐसा लगता है कई बार ,

खाटू गए बगैर मुझे श्याम मिल गया,

मिल जाता है मुझे अगर अँधा लंगड़ा रस्ते पर,

उसे सहरा देकर मैं पौंचता जब उसे घर,

लगता है इक निशान मेरा आज चढ़ गया,

खाटू गए बगैर मुझे श्याम मिल गया,

बालक भूखा दिख जाए मुझसे राहा नहीं जाये,

उसको रोटी देकर ही चैन मेरे दिल को आये,

लगता है श्याम को की मेरा भोग लग गया,

खाटू गए बगैर मुझे श्याम मिल गया,

चीचड़ो में दिखी एक बहन छिपा रही हाथो से तन,

चीर उड़ाया उसको तो आंखे होगी उसकी नम,

ऐसा लगा मुझे की मेरा श्याम सज गया,

खाटू गए बगैर मुझे श्याम मिल गया,

श्याम की सेवा को जानो,

सार्थक तभी है ये मानो,

दीना नाथ के दीनो की मदत करो तुम दीवानो,

सोनू लगे गा ये के तुम्हे श्याम मिल गया,

खाटू गए बगैर मुझे श्याम मिल गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।