भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए

भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए

भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए

सखी एक बोली मैया बाहर पधारो

आयो एक बाबो दिखे बड़ो मतवारो

भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए

भरी थार कंचन को मैया सिधारी

नमन करीके मैया वचन उचारी

आशीष दीजै बाबा सुखी भये मुरारी

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए

बोले भोले बाबा मैया आशीष लीजै

किन्तु एक हेतु मैया सिद्ध करीजै

लायी के लाल मैया हाथ धरीजै

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।