अरी मेरी अंसुवन भींगी साड़ी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरी मेरी अंसुवन भींगी साड़ी आ जाओ कृष्णा मुरारी,

एक लुप्त सुता की विनती सुन लेना कृष्णा मुरारी,

अरे सब लोग हंसे दें दें ताली आ जाओ कृष्णा मुरारी,

वो भीष्म पिता बलशाली और पांचों पति निहारी,

अरे मोहे सभी में करत उधाडी,

आ जाओ कृष्णा मुरारी,

क्या भूल गये बनवारी जब उंगली कटीं तुम्हारी,

अरे मैंने फाड़ी रेशम की साड़ी,

आ जाओ कृष्णा मुरारी,

इतना सुनकर बनवारी और छोड़ी गरूड़ संवारी,

राधा पूछें रूक्मणी पूछें तुम कहां चले बनवारी

आ जाओ कृष्णा मुरारी.....

अरे वो ग्रे बनवारी आकर के चीर बड़ाई,

अरे वो हार गये बलशाली,

आ जाओ कृष्णा मुरारी....

शीला रधुवंशी ।।। और भजन के लिए संपर्क

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।