अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो,

कब से खड़ा हु श्यामा,सिर पे हाथ धर दो,

अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो,

माना ये मैंने ना मैं ज्ञानी ना ध्यानी,

जैसा हु तेरा ही हु ओ ठकुरानी,

अपने लादले पे लाडो मेहर इक कर दो,

अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो

हाथो में राधे तेरे तकदीर मेरी,

तारो न तारो अब ये मर्जी तेरी,

अमृत पिलाओ चाहे मुझे ज़हर देदो,

अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो

भटक रहा हु अब तो हुए मैं तुम्हारे,

बता ये गरीब जाये अब किसके द्वारे,

दुबिदा में फसा हु राधे दुविद्या मेरी हर लो,

अब तो किशोरी अपनी नज़र एक कर दो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।