घर घर पधारे है पारवती नंदन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ढोल बाजे गली गली चहु दिशा ये बात चली,

जगा जगा पंडाल लगे है जगह जगह फंक्शन,

घर घर पधारे है पारवती नंदन,

ढोल बाजे गली गली...

गणराजा के जलवे निराले सारे जग के है रखवाले,

सरताज दुनिया के देवा हमारे गणपति गजानंद,

घर घर पधारे है पारवती नंदन,

ढोल बाजे गली गली...

गणपति जी है भुधि विनायक तुम सुख दायक तुम फल दायक,

वीगन विनाशक देवा हमारे काटे सभी बंधन,

घर घर पधारे है पारवती नंदन,

ढोल बाजे गली गली...

क्या ब्रह्मा क्या विष्णु क्या शंकर,

प्रथम पुजाये हो तुम लम्बोदर,

काम विधि के बन जाये गए नमन करो निरंजन,

घर घर पधारे है पारवती नंदन,

ढोल बाजे गली गली...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।