मईया जी तुम बड़ी दयालु हो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया जी तुम, बड़ी दयालु हो

अम्बे माँ, बड़ी दयालु हो lll

मईया जी तुम lll बड़ी..........

हमे तो बस तेरा सहारा है

और नही कोई हमारा है ll

तेरा दर प्राणो से प्यारा है ll

मईया जी तुम lll बड़ी...........

तेरा यश गाया वेदों ने

पार नहीं पाया वेदों ने ll

नेती नेती गाया वेदों ने ll

मईया जी तुम lll बड़ी,.............

और सब झूठी माया है

मईया जी मुझे क्यों बिसराया है ll

दास तेरी शरण में आया है ll

मईया जी तुम lll बड़ी............

तुम्हारा नाम मिले मईया

भक्ति का दान मिले मईया ll

सुबह और शाम मिले मईया ll

मईया जी तुम lll बड़ी............

भले हैं बुरे हैं तेरे हैं

तेरी माया के घेरे हैं ll

मईया जी हम बालक तेरे हैं ॥

मईया जी तुम lll बड़ी...........

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल बाघीओ वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।