खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा,

तुझसे दानी नहीं जगत में सौंप दिया सिर कृष्ण को,

महाभारत की जंग में देखा चलता चकर सुदर्शन को,

हे महा दानी किरपा निदानी करदे तू उधार जपु मैं नाम तेरा,

खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा,

सात सुरो की सरगम मेरी ज्ञान की पोथी खोल रही,

खाटू वाले श्याम तुम्हारी जय हो रसना बोल रही,

हे सात धरी हे गिरधारी करदे तू उपकार जपु मैं नाम तेरा,

खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा,

श्री गिरिधर ने तुझको अपने श्याम नाम का दान दियां,

तुझमे श्री कृष्ण दिखे गे गोविन्द ने वर्धन दियां,

जग हित कारी पालनहारी देदो ख़ुशी अपार जपु मैं नाम तेरा,

खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा,

लक्ष्मी वरदन खाटू वाले तेरा ही इहवांन करे,

तेरे चरणों में बैठे के रूठे तेरा ही गुण गान करे,

संकट हारी मंगल कारी तू मेरी सरकार जपु मैं नाम तेरा,

खाटू वाले श्याम निराले करदे नाइयाँ पार जपु मैं नाम तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।