दादी माँ दया करो

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दादी माँ दया करो मेरी फर्याद सुनो,

दर पे भुला के दादी गम से आज़ाद करो ,

हाथ मेरे सिर पर रख दो.

रानी सती दादी करो दूर मेरे गम,

अँखियो से नीर बहे देखो शम शम,

मतलबी दुनिया में घुट ता है दम,

तुझे छोड़ रानी सती जाए कहा हम,

निकले गा अब तेरे चरणों में दम,

दादी माँ दया करो मेरी फर्याद सुनो,

दर पे भुला के दादी गम से आजाद करो,

हाथ मेरे सिर पे रखदो जरा,

रानी सती दादी का सहारा जिसे मिल गया,

गम के भवर से किनारा उसे मिल गया,

ममता का दरया ज़माने में वहा दिया,

भगतो के दिल में माँ ने उजला कर दियां,

रानी सती दादी करो दूर मेरे गम,

अँखियो से नीर बहे देखो शम शम,

सतियो में रानी सती ऊचा तेरा नाम है,

झुंझनू नगर दादी पावन तेरा धाम है,

भोली सती खेमी सती रानी सती नाम है,

जय दादी की जपने से मिलता आराम है,

निकले गा अब तेरे चरणों में दम,

रानी सती दादी करो दूर मेरे गम,

अँखियो से नीर बहे देखो शम शम,

बड़ी ही दयालु है ये सबकी सुनती,

ममता लुटाती ममता की मूरति,

जय दादी की जपो गी निहाल करे गी

दिल से पुकारो माला माल करे गी,

हर तकलीफ में ख्याल करे गी,

रानी सती दादी करो दूर मेरे गम,

अँखियो से नीर बहे देखो शम शम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।