झूम झूम के नाचे झूम झूम के

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

अरे गली गली और गांव शहर में हो रहा देखो हल्ला,

घर घर आया खुशिया लाया,यु शंकर का लला,

झूम झूम के नाचे झूम झूम के,

झूम झूम के नाचे दी जे यहाँ बाजे,

गणपति जी है साजे झूम झूम के,

गजानंद की भगति में हुए चूर मस्ती में,

गाओ शहर बस्ती में झूम झूम के,

जय कार गाते है गणराजा की सारे झूम झूम के,

ढोल और धमाल बाजे लम्बोदर के दवारे झूम झूम के,

झूम झूम के नाचे ......

गली गली बाप्पा की धूम मची है बाहरी झूम झूम के,

दर्शन को निकले है बच्चे भुड़े नारी झूम झूम के,

झूम झूम के,....

ये जलासु निकला है गोरा के लला का झूम झूम के,

शोर निरंजन है बड़ा घर नगर मोहला में झूम झूम के,

झूम झूम के...

नाचो ने दिल खोल के जय गणेश जय गणेश बोल के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।