बरसाने मच गया शोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसाने मच गया शोर आज प्रगट भई राधा रानी,

मेरा मन का नाचे मोर आज प्रगट भई राधा रानी,

उची अटारी इसी सजी है शोभा वर्णी न जाए,

फ़ौरन बन्ध वार बने कूचे पे ध्वजा फेहराये,

फिर वाजन लागे ढोल आज प्रगट भई राधा रानी,

बरसाने मच गया शोर.....

गोपी आये ग्वाले आये देने को विधाई,

ऐसी लाली और नहीं देखि सब मिल कर वडाई,

फिर नाचन लागे जोर,आज प्रगट भई राधा रानी,

बरसाने मच गया शोर........

नन्द संग नन्द रानी आये गोद में लिए कन्हाई,

बाती बात में बात करि लल्ला की करो सगाई,

सुन भानु हरषाइयो ,आज प्रगट भई राधा रानी,

बरसाने मच गया शोर........

धन्य कोख कीरत रानी की जाने लाली जाइ,

चिर जीवो वृषवान दुलारी जन्म हुआ सुखदाई,

ब्रिज मंगल हो गई बोर ,आज प्रगट भई राधा रानी,

बरसाने मच गया शोर........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।