चूहा पे बैठ गये गणराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

चूहा को बजा गया बैंड बाजा,

चूहे पे बैठ गये गणराजा

माथे मुकुट गले मोतियां की माला,

कनन में कुण्डल और हातन में भाला,

कांधे की ताम धरे गणराजा,

चूहा पे बैठ गये.......

सूढ बड़ी लम्बी और कान सूपाधारी,

हाथी सी काया और पेट बड़ों भारी,

मस्तक सिंदूरी गणराजा,

चूहा पे बैठ गये.......

दुष्टों के भक्षक और भक्तों के रक्षक,

स्वामी हम सबके जगत के संरक्षक,

शंकर के लाल गणराजा,

चूहा पे बैठ गये..........

देवतो में इनसे बड़ा न कोई दूजा,

सर्वप्रथम होती है जो इनकी पूजा,

बुद्धि के दाता गणराजा,

चूहा पे बैठ गये.........

शीला गजानंद की महिमा मनाते,

आरती उतारें और दीपक जलाएं,

लड्डू के राजी गणराजा,

चूहा पे बैठ गये गणराजा........

।। शीला रधुवंशी।। और भजन के लिए

9131750830

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।