मुझे श्याम तेरी दरकार है

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुझे श्याम तेरी दरकार है,

तेरी याद में मैंने हस्ती मिटाई,

तुम्ही पे तो अपनी दुनिया लुटाई,

तू ही मेरी नैया की पतवार है,

मुझे श्याम तेरी दरकार है,

पुराणी बहुत है कन्हियाँ ये यारी,

इसी भूल कर न भुलाना बिहारी,

तुम ही मेरे नैनो का शिंगार है,

मुझे श्याम तेरी दरकार है,

तुम्हे श्याम बहादुर ने दिल से मनाया,

मजा तेरी यारी का शिव को भी आया,

रंगीला तुम्हारा दरबार है,

मुझे श्याम तेरी दरकार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।