आये शिव गोरी के लला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गली गली में हल्ला आये शोव गोरी के लला,

गोरी के लला हां गोरी के लला,

खूब मचियो है हल्ला आये शिव गोरी के लला ,

गली गली में धूम मची है,

कितनी पावन शुभ ये घडी है,

सजे है चोंक मोहला आये शिव गोरी के लला,

शिव के दुलारे गोरी के लाला

मस्तक पे सिंदूर निराला,

अरे ऊँगली में पहने है छला,

आये शिव गोरी के लला....

पान चदे फूल चदे मेवा सुपारी,

गनराजा की है मुशा सवारी,

लड्डू चड़े रश्गुला आये शिव गोरी के लला....

भुधि के दाता है देवो के देवा,

जो करे सेवा पाए है मेवा,

भरते है मुरादो से पला आये शिव गोरी के लला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।