मेरी मईया बड़ी दयाल भक्तो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मईया बड़ी, दयाल भक्तो ll

आई होकर, सिंह पे सवार भक्तो,

वर देंगी दाती ll पल छिन में,

भर देंगी खुशियाँ, हर दिल में l

मईया का मंदिर, प्यारा है,

सबको लगता जो, न्यारा है,

नित शेर पे आती ll मस्ती में,

बाजे भी बजते, बस्ती में l

तेरा चोला रँग, रँगीला है,

मुख मण्डल खूब, सजीला है,

डाली है मुख पर ll लाली है,

माँ भरती झोलियाँ, खाली है l

जा रण में पहुंची, माँ काली,

दानव से भई, धरती खाली,

सँघार किया है ll दुष्टों का,

उद्धार किया है, भक्तों का l

जो माँ के, दर पे जाएगा,

मुँह मांगी, मुरादें पाएगा,

झोली भर खुशियाँ ll लाएगा,

वो चरणों की, रज़ पाएगा l

धुन- यह देश है वीर जवानो का

अपलोड करता- अनिल भोपाल बाघीओ वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।