मेरे घर में करो परवेश

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर में करो प्रवेश शिव गोरा पुत्र गणेश,

तुम हो श्रृष्टि में सबसे विशेष शिव गोरा पुत्र गणेश,

गोरा पुत्र गणेश मेरे घर में करो प्रवेश,

तुम हो श्रृष्टि में सबसे विशेष शिव गोरा पुत्र गणेश,

घर में कोई भी हॉवे पूजन,

सबसे पहले तुम्हे निमंतर्ण,

बिन तेरे नही कुछ शेश शिव गोरा पुत्र गणेश...

भोग तुम्हे लाडू का प्यारा,

पाँव सजा है थाल तुम्हारा,

खड़े सेवक दो आनेक शिव गोरा पुत्र गणेश....

सुख वेहवव के दाता हो तुम,

वेद ग्रंथो के ज्ञाता हो तुम,

तेरे कण कण में अवशेष शिव गोरा पुत्र गणेश,

चारो तरफ है राज तुमारा,

देवो का सरताज तू प्यारा,

माने ब्रह्मा विष्णु महेश,शिव गोरा पुत्र गणेश,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।