वेलकम गणेशा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

वेलकम गणेशा तेरा मेरा परिवार में,

प्यार भी पिरोया है फूलो के संहार में,

रिद्धि सीधी देवा तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में,

आये भोले बाबा थी मात आ गई माहरे अंगना में,

वेलकम गणेशा तेरा मेरा परिवार में,

आज मैंने घुँगरू पैरो में बंधवा लिए,

अरे दिली में थे जितने ढोली भुलवा लिए,

आज भी न नाचू गा फिर कब नाचू गा,

घर बैठे देवा तेरे दर्शन पा लिए,

कभ से थी अँखियाँ तुम्हारे इंतज़ार में,

प्यार भी पिरोया है फूलो के संहार में,

रानी लक्ष्मी की बरसात आ गई मेरे अंगना में,

रिद्धि सीधी देवा तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में,

जाऊ बलिहारी मैं सवारी तेरी देख के,

झांकियां हज़ारो न्यारी तेरी देख के,

नाज मुझे होने लगा अपने नसीब पे ,

मूर्ति गणेशा प्यारी प्यारी तेरी देख के,

कमी न रहे गई कोई सेवा सत्कार में,

प्यार भी पिरोया है फूलो के संहार में,

स्वर्ग से सुखो की सौगात आ गई मेरे अंगना में,

रिद्धि सीधी देवा तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में,

धूल पग पंकज की माथे से लगाई है,

घडी शुभ मंगल ये आते आते आई है,

गुंजी मेरे घर में सुखो की शेहनाई है,

मुझे मेरे अपनों ने बेजी बधाई है,

भीड़ देखो कितनी खड़ी है ये कतार में,

प्यार भी पिरोया है फूलो के संहार में,

गणपति के भक्तो की बारात आ गई मेरे अंगना में,

रिद्धि सीधी देवा तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।