हंजू अखियाँ दा बन गए ने गहना

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हंजू (आंसू) अखियाँ दा बन गए ने गहना,

तैनू होर प्रीतम की कहना,

तू छेती(जल्दी) घर आजा मोहना।

रोंदियां ने अखियाँ ते हंजू वाजा मारदे,

तकदेयां रावां दिन लंग गए बहार दे।

मैं ते मरके वी ना तेरा लैणा, तैनू होर प्रीतम की कहना,

तू छेती घर आजा मोहना॥

नैयन दुखायरे मेरे, तैनू रहंदे ढोलदे,

दे दर्शन मेरी किस्मत खोलदे।

कदो मुक्कणा विछोड़ा टूटपैना, तैनू होर प्रीतम कि कहना,

तू छेती घर आजा मोहना॥

याद तेरी मोहना भुलाया नहिओ भुल्दी

लब्दी फिरां मैं तैनू गलिया च रुल्दी ।

तेरी बन गयी हां तेरी बन रहना, तैनू होर प्रीतम कि कहना,

तू छेती घर आजा मोहना॥

नैना तरसे बावरे, छवि दिखलाओ श्याम

मेरे अपने प्राण जी, हे नैयन अभिराम

हे नैयन अभिराम, नन्द के लाल बिहारी

छोड़ा जग का साथ गहि अब शरणं तिहारी

तुम कर कृपा की कोर, सुनादो मीठे बैन

हरी निहारे बाट बावरे तरसे नैना

आओ मनमोहना, आओ मनमोहना

आ कृष्णा प्यारे आ श्याम प्यारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।